ULPIN क्या है — भूमि खंड की अद्वितीय पहचान संख्या
Guides • अंतिम जाँच: 26 अक्टूबर 2026
शुरू करने से पहले — ज़रूरी चीज़ें
- अपना खसरा रिकॉर्ड या भू नक्शा विवरण
चरण-दर-चरण तरीका
- अपना खसरा रिकॉर्ड आधिकारिक पोर्टल पर खोलें।
- रिकॉर्ड में ‘ULPIN / भूखंड अद्वितीय ID’ जैसा क्षेत्र खोजें।
- नक्शा खोलकर भी भूखंड विवरण में यही ID जाँचें — दोनों जगह एक ही होना चाहिए।
- भविष्य के आवेदनों के लिए ULPIN नोट करके रखें।
- ID न दिखे तो इसका अर्थ है कि आपके क्षेत्र में आवंटन/प्रदर्शन अभी उपलब्ध नहीं है — तहसील से जानकारी लें।
ये चरण केवल जानकारी के लिए हैं। असली खोज आधिकारिक पोर्टल पर होती है — यह वेबसाइट कोई सरकारी फ़ॉर्म नहीं लेती।
ULPIN Integration — 6 ज़रूरी बातें
- हर भूमि खंड (पार्सल) को 14 अंकों की अलग पहचान संख्या मिलती है।
- यह संख्या किसी एक ख़ास पार्सल की पहचान पक्की करती है — एक ही गाँव में मिलते-जुलते नंबरों का भ्रम घटता है।
- ULPIN रिकॉर्ड को उसी एक ID से जोड़ता है, जिससे खसरा, खतौनी और नक्शा एक-दूसरे से मिलाए जा सकते हैं।
- इससे रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित और डिजिटल बनता है तथा खोज तेज़ होती है।
- विचार ‘One Land, One ID’ का है — हर ज़मीन, एक ID।
- पारदर्शिता बढ़ने से डुप्लिकेट या ग़लत रिकॉर्ड जैसी समस्याएँ कम होने में मदद मिलती है।
आधिकारिक पोर्टल पर रिकॉर्ड देखें
तैयार हैं? अपना जिला, तहसील और गाँव चुनकर असली रिकॉर्ड आधिकारिक वेबसाइट पर देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या ULPIN खसरा नंबर की जगह ले लेगा?
ULPIN खसरा नंबर के साथ जुड़ने वाली अतिरिक्त पहचान है; वर्तमान कार्यों में खसरा नंबर ही मुख्य खोज आधार रहता है।
क्या ULPIN के लिए अलग से आवेदन करना होता है?
सामान्यतः यह राजस्व विभाग द्वारा रिकॉर्ड डिजिटलीकरण के साथ आवंटित होता है — नागरिक को अलग आवेदन की आवश्यकता सामान्यतः नहीं होती।